रविवार को स्वेच्छिक हो प्रतिष्ठान बंद, एक सूर से उठ रही आवाज एक दिन बिताएं अपनें परिवार व मित्रों के संग, शरीर व मन भी रहेगा स्वस्थ्य।

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समाचार20 से मनोज  पुरोहित की रिपोर्ट

पेटलावद। 22 मार्च को सरकार के द्वारा कोराना संकट के देखते हुए पूरे देश में लॉकडाउन घोषित किया गया था और धीरे धीरे सरकार के द्वारा भारतीय करतें हुए फिर से सामान्य कार्यकॉज प्रांरभ करनें के निर्दलीय विभीन्न सोशल डिसेंसेंस के नियमों के साथ करनें के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार के द्वारा रविवार को लॉकडाउन व बाजार बंद करनें की घोषणा भी इसी क्रम की थी, लेकिन तीन दिन पूर्व मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा रविवार को भी बाजार खुलनें की अनुमति दी गई है। जिसक बाद 6 सितंबर को लगभग 04 महीने बाद ऐसा पहला रविवार था, जब सरकार के नियम शिथिल थे, लेकिन पेटलावद के कुछ व्यापारियों के द्वारा अनुठी पहल करतें हुए रविवार को आपकी सिफारिशें बंद रहेंगी। नगर के सोशल मिडिया के चर्चित ग्रुप पीएनपी पेटलावद नगर परिवार गु्रप पर लगातार इसकों समर्थन भी मिला। आगामी रविवार बंद को लेकर नगर में विभीन्न प्रकार की चर्चाओ का दौर गरम है।

परिवार के साथ बिताएं समय

छः दिन तक लगातार कामकाज करनें वाले चरित्र रविवार रविवारवें दिन को छुट्टी के रूप में रखने को तैयार है, एक दिन के इस समय में व्यापारी न सिर्फ अपना ये समय आपें परिवार व दोस्तों के साथ रहनेाना चाहतें है, साथ ही साथ आपको प्रसन्नाें शोक व रूची के काम करकें इस दिन को हंसी खुशी रहनााना चाहते हैं और पिकनिक, पार्टी व रिश्तेदारों के साथ समय बिताकर अपनी सामाजिक आंदोलनोंयूओं को भी आगे बड़ा कर सकते हैं, उसी एक दिन के आराम से शरीर व दिमाग को मिलनें वाली उर्जा से अगलें छह: दिन दुगनी होती है क्षमता के साथ काम करनें को तैयार रहेगें।

ये भी कारण है

वैसे भी पेटलावद जिलें की सबसे बड़ी तहसील है और अनुभाग होनें के कारण सभी कार्यालय सोमवार से शनिवार तक ख्ुले रहते है और इन्ही दिनो में ग्रामीण क्षेतत्रों से ग्राहक खालीें कामकाज के लिए आते है और रविवार को वेसें भी सुनकी कम होती है व सरकारी कर्मचारी भी है। इस दिन आपकीend घर चलें जाती है इसलिए रविवार को बंद रखनें में व्यापारियों को ज्यादा नुकसानसानी नहीं है, वही छोटे, लघु, व मध्यम वर्ग के व्यापारी भी इस मुहिम को सफल बनानें के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उल्लंघन करनेंद पर हो सकता है

वैसें तो बड़े शहरों में सरकार के द्वारा व व्यापारियों की स्वेच्छा से सप्ताह में एक दिन बंद रखनें का निर्देश है, जो भी वर्ण इसका उल्लंघन करता है कि पर आरोप भी आरोपित किया जाता है। पेटलावद के मार्कर एक इकट्ठा होकर रविवार को बंद को स्वेच्छिक निर्णय लेले तो इसमें सभी वर्ग सहयोग करेगा, जो मार्कर उल्लंघन करेगा उसे सभी मिलकर उचित भय भी लगा सकते हैं। सब के सहयोग से यह मुहिम रंग ला सकती है।

प्रशासन भी सहयोग करेगा

इस संबंध में अधिकांश लोगो का यह भी मानना ​​है कि यदि स्थानीय प्रशासन व नगर परिषद के व्यापारियों की बात मानकर रविवार स्वेच्छिक बंद को समर्थन दे तो पूरे नगर में अलाद्दी करवाकर रविवार को बंद किया जा सकता है।

व्यापारियों ने इस प्रकार की अपनी राय रखी –

सर्राफा एसोशिएसन के अध्यक्ष ओम सोनी के द्वारा बताया गया कि लॉकडाउन के कारण सर्राफा व्यवसाय पर बुरा असर पड़ा है लेकिन नगर की जनता और व्यापारियों के साथ सर्राफा संघ भी रविवार को बंद के सर्मथन में है।

नगर के प्रतिष्ठित सेठिया रेस्टोरेंट के संचालक दीपक सेठीया का मानना ​​है कि होटल व्यवसायी प्रतिदिन चलने वाला व्यापार है यदि तहसील स्तर पर रविवार को बंद रखा जाता है तो सभी होटल व्यवसायी भी तैयार है।

युवा कपड़ा व्यवसायी संजय चाणोदिया का मानना ​​है कि रविवार के दिन चलने वाली ठहरने से वे अपना समय परिवार व दोस्तों के साथ बितायेगे, वही इस प्रकार की पहल होनें पर कपड़ा व्यवसाय भी अपनी दुकानों बन्द रखनें को तैयार है।

जानें मानें बर्तन विक्रेता संजय बरबेटा ने ँपनी राय रखतें हुए ने बताया कि वैसें भी रतलाम इन्दौर जैसे बड़े शहरों में रविवार को व्यापार बंद रहता है, अगर पेटलावद में इसकी शुरुआत की गई तो इससें नगर में एकरूपता के साथ अच्छे वातावरण बनेगा।

नगर के प्रतिष्ठित मार्केट व्यवसायी अनिल तेजमल मौन्नत ने बताया कि कुछ वर्षो पूर्व सप्ताह में 01 दिन बंद करनें का निर्णय लिया गया था, लेकिन कुछ व्यापारियों द्वारा चौरी छिपे व्यापार करनें से व्यवस्था टुट गई, सभी व्यापारी ईमानदारी से काम बंद कर दिए गए ताकि व्यापारी भी इसकें हो सके। तैयार है।

औटो पार्ट्स की दुकान संचालक प्रवीण पंवार ने बताया कि वैसें तो औटो पार्ट्स दुकानदारों ने मंगलवार को दुकान बंद रखनें का स्वेक्ति निर्णय सालो पूर्व लिया था, लेकिन नगर के अधिकांश कर्मचारी के वाहन सोमवार मंगलवार को रिपेयरिंग के लिए आनेंद थे मंगलवार को दुकान बंद रखानें का क्रम टुट गया। रविवार को बंद रखानें में रख पूरा समर्थन के लिए तैयार।

स्टेशनरी की दुकान संचालक मनीष भंडारी ने बताया कि वैसें भी रविवार को सरकारी संस्थानों की छुट्टी रहती है, स्टेशनरी की दुकानों रविवार को बंद रखानें में हम अन्य व्यापारियों के साथ खड़ें है।

खाद बी विक्रेता सुरेन्द्र भंडारी ने बताया कि बीज के दुकानों वैसें भी रविवार को बंद रहता है, यदि सभी व्यापारी रविवार को बंद रखतें है तो खाद बीज की सभी दुकानदार जरूर सहकारी करेगें।

अनाज व्यापारी संघ के सचिव विनोद बाफना ने अपनी राय देते हुए कहा की की रविवार अवकाश होनें से छः दिन तक काम करने वालें व्यापारी को राहत व उर्जा मिलेगी, साथ ही आपें स्वास्थ्य व परिवार का ध्यान रख सकगा।

दवाई विक्रेता राकेश मांडोत ने बताया कि मेडीकल इमरजेंसी सेवाओं में आता है लेकिन रविवार को बंद के समर्थन में हम भी है, आकस्मिक सेवाओं को जारी रखतें हुए मेडीकल संचालक द्वारा निश्चित समय निश्चित करकें बंद का समर्थन किया जा सकता है।

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